चुनाव आ गया !



घनश्याम बाहर बैठकर महीने का हिसाब ठीक कर रहा था की कही से खेलकर आते हुए उनके आठ वर्षीय बेटे गुड्डू ने पास आकर पुछा - "पापा! क्या कोई त्यौहार आने वाला है?"

पापा ने कुछ सोचकर बोला - "नहीं तो|"

फिर गुड्डू ने पूछा - "आजकल गाँव में सभी खुश है क्योकी रोज कोई सफेद कपड़े पहने अंकल आते है, सभी के घर जाकर उनसे बाते करते है और अनाज, कपडे, मिठाइयाँ और पैसे भेट में देते है| अपने घर भी आये थे मुझे मिठाई का एक डिब्बा दिया और आपके बारे में पूछ रहे थे| दादी के पैर भी छुए और चले गए | आज फिर वैसे ही कपडे पहने दुसरे व्यक्ती गाँव में आये हुए है और कम्बल बाट रहे है |"

घनश्याम ने मुस्कुराकर कहा - " बेटा ! विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश का सबसे पवित्र त्यौहार "चुनाव" आ गया है |"

और इतना कहकर घनश्याम किसी गहरी सोच में डूब गए और गुड्डू ने ना समझते हुए भी संतुष्ट होने का बहाना किया जैसे सब कुछ समझ गया हो |
Post a Comment

Popular Posts